Exclusive
Breaking News

CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: जंतर-मंतर मामले में केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस, इंटरनेट बंद करने पर सरकार ने मांगी माफी CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: जंतर-मंतर मामले में केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस, इंटरनेट बंद करने पर सरकार ने मांगी माफी

अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस मिलने की खबर, मुंबई में प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस मिलने की खबर, मुंबई में प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई

सिरोही में दो युवतियों ने किया कीटनाशक का सेवन, बिगड़ी तबीयत; ट्रॉमा सेंटर में उपचार के बाद दोनों ICU में भर्ती सिरोही में दो युवतियों ने किया कीटनाशक का सेवन, बिगड़ी तबीयत; ट्रॉमा सेंटर में उपचार के बाद दोनों ICU में भर्ती

पाली में फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर 5 लाख की ठगी: SP ऑफिस में CI होने का झांसा दिया, पेट्रोल पंप के नाम पर लिए रुपए; आरोपी गिरफ्तार पाली में फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बनकर 5 लाख की ठगी: SP ऑफिस में CI होने का झांसा दिया, पेट्रोल पंप के नाम पर लिए रुपए; आरोपी गिरफ्तार

पाली में मोक्षधाम के विश्राम गृह में मिला युवक का 4-5 दिन पुराना शव, बदबू आने पर चला पता, हाथ पर लिखे नाम से हुई पहचान पाली में मोक्षधाम के विश्राम गृह में मिला युवक का 4-5 दिन पुराना शव, बदबू आने पर चला पता, हाथ पर लिखे नाम से हुई पहचान

कर्नाटक में गहराया सियासी संकट: शिवकुमार ने नेतृत्व को याद दिलाया 'वादा', सिद्धारमैया सीएम पद छोड़ने के मूड में नहीं
कर्नाटक में गहराया सियासी संकट: शिवकुमार ने नेतृत्व को याद दिलाया ‘वादा’, सिद्धारमैया सीएम पद छोड़ने के मूड में नहीं

कर्नाटक में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के भीतर छिड़े संकट की मुख्य वजह ‘ढाई साल का फॉर्मूला’ है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बीच प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुबानी जंग जारी है। डीके शिवकुमार को कर्नाटक में सिद्धारमैया के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए सबसे पहले नेतृत्व परिवर्तन की ओर इशारा किया। इसे पार्टी नेतृत्व को उसके कथित वादे के बारे में सार्वजनिक तौर पर संकेत के रूप में देखा गया था।

माना जाता है कि शिवकुमार को कर्नाटक सरकार के पांच साल के कार्यकाल के ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाए जाने का फॉर्मूला दिया गया था। कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने 20 नवंबर को ढाई साल पूरे कर लिए हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई एलान नहीं किया गया था।

कांग्रेस नेता शिवकुमार ने अपनी पोस्ट में कहा था कि अपनी बात पर कायम रहना दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि चाहे वह जज हों, राष्ट्रपति हों या कोई और, जिसमें मैं भी शामिल हूं, सभी को अपनी बात पर चलना होगा। शब्द की ताकत ही विश्व की ताकत है। डीके शिवकुमार की इस ‘शब्द’ वाली पोस्ट पर पलटवार करते हुए सिद्धारमैया ने कुछ ही घंटों बाद उसी शब्दावली का इस्तेमाल किया। उन्होंने उन कामों की भी सूची दी जो वे अपने शेष कार्यकाल में करने की योजना बना रहे हैं- जो दर्शाने के लिए काफी है कि वे सीएम पद छोड़ने के मूड में नहीं हैं।

सिद्धारमैया सीएम पद छोड़ने के मूड में नहीं
सिद्धारमैया ने लिखा कि कर्नाटक की जनता की ओर से दिया गया जनादेश एक क्षण नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है जो पूरे पांच साल तक चलती है। उन्होंने लिखा, ‘एक शब्द तब तक शक्ति नहीं है जब तक वह लोगों के लिए दुनिया को बेहतर न बनाए। कर्नाटक के लिए हमारा शब्द कोई नारा नहीं है, यह हमारे लिए पूरी दुनिया है।’

उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पिछले कार्यकाल (2013-18) का उल्लेख किया, जिसके दौरान उन्होंने दावा किया था कि, ‘165 में से 157 वादे पूरे किए गए और 95 फीसदी से अधिक वादे पूरे किए गए।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘इस कार्यकाल में 593 में से 243 से अधिक वादे पूरे हो चुके हैं और शेष सभी वादे प्रतिबद्धता, विश्वसनीयता और सावधानी के साथ पूरे किए जाएंगे।’

हाल के वर्षों में कांग्रेस को कम से कम दो बार राजस्थान और छत्तीसगढ़ में इसी फॉर्मूले के चलते संकट का सामना करना पड़ा है। इन दोनों राज्यों में बाद में हुए चुनावों में उसे सत्ता गंवानी पड़ी थी। इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कोई भी फैसला पूरी तरह से आलाकमान की ओर से ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पर सार्वजनिक रूप से चर्चा करने की जरूरत नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

Categories