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पाली। जिले के औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र में खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर पांच लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने पाली एसपी ऑफिस में सीआई के पद पर कार्यरत होने का दावा कर एक व्यक्ति का विश्वास जीता और पेट्रोल पंप लगाने के लिए जमीन खरीदने के नाम पर पांच लाख रुपए उधार ले लिए। रकम वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले में सीकर जिले के नावलोट निवासी मनोज पुत्र सुआलाल को रविवार रात गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ जारी है।

रिश्तेदार की मौत पर गए थे गांव, वहीं हुई आरोपी से मुलाकात

औद्योगिक नगर थानाप्रभारी निरमा विश्नोई ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड, चिमनपुरा, जोधपुर रोड, पाली निवासी शिवलाल पुत्र मेवाराम ने पुलिस को रिपोर्ट दी।

रिपोर्ट के अनुसार, 11 दिसंबर 2025 को शिवलाल अपने एक रिश्तेदार की मृत्यु होने पर ब्यावर जिले के गीगलपुरा गांव गया था। वहां उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई, जिसने अपना नाम सुरेंद्र सिंह बताया और खुद को पुलिस इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत होने का दावा किया।

इसके बाद दोनों के बीच जान-पहचान हो गई। आरोपी ने पुलिस विभाग में अच्छे पद पर होने और अपने समाज से संबंधित होने की बात कहकर पीड़ित का विश्वास हासिल किया।

घर आकर रात रुका, पेट्रोल पंप के लिए मांगे 10 लाख रुपए

पीड़ित की रिपोर्ट के मुताबिक, 23 दिसंबर 2025 को आरोपी उसके घर पहुंचा और रात को वहीं रुका। इस दौरान उसने बताया कि केकड़ी के सवराड़ क्षेत्र के पास पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए उसने जमीन खरीदी है, लेकिन उसे 10 लाख रुपए की कमी पड़ रही है।

आरोपी ने आर्थिक मदद के लिए बार-बार आग्रह किया। उसके पुलिस इंस्पेक्टर होने के दावे और आपसी जान-पहचान पर भरोसा करते हुए शिवलाल ने घर में रखे पांच लाख रुपए नकद उसे दे दिए।

रुपए वापस मांगे तो कोटा में ट्रेनिंग का बनाया बहाना

शिकायतकर्ता के अनुसार, अप्रैल 2026 के बाद जब उसने अपनी रकम वापस मांगने के लिए आरोपी से संपर्क किया तो उसने कोटा में ट्रेनिंग पर जाने की बात कही।

आरोपी ने ट्रेनिंग से लौटने के बाद रकम की व्यवस्था कर रुपए वापस करने का आश्वासन दिया, लेकिन काफी समय बीतने के बावजूद भुगतान नहीं किया।

पीड़ित ने 19 जुलाई 2026 को दोबारा फोन किया तो आरोपी का मोबाइल बंद मिला। इसके बाद उसे धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ।

पुलिस में CI होने का दावा निकला झूठा, आरोपी गिरफ्तार

मामले की शिकायत मिलने के बाद औद्योगिक नगर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पाली एसपी ऑफिस में सीआई के पद पर कार्यरत होने का दावा झूठा निकला।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सीकर जिले के नावलोट निवासी मनोज पुत्र सुआलाल को रविवार रात गिरफ्तार कर लिया।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। आरोपी द्वारा खुद को सुरेंद्र सिंह बताने, रकम लेने और अन्य संभावित धोखाधड़ी के मामलों के संबंध में जांच की जा रही है।

सावधानी: किसी व्यक्ति के खुद को पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बताने मात्र से उस पर आर्थिक लेनदेन के लिए भरोसा नहीं करना चाहिए। संबंधित विभाग से उसकी पहचान और पद की पुष्टि अवश्य करें।

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