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सऊदी अरब में एयरपोर्ट और अरामको तेल क्षेत्र पर हमले, भारतीय नागरिक की मौत; कई घायल, उड़ानों के रास्ते बदले
सऊदी अरब में एयरपोर्ट और अरामको तेल क्षेत्र पर हमले, भारतीय नागरिक की मौत; कई घायल, उड़ानों के रास्ते बदले

दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और शायबाह तेल क्षेत्र में हमलों से हड़कंप; नेपाली और फिलीपीनी नागरिकों की भी मौत, सऊदी अरब में बढ़ते हूती हमलों के बीच अमेरिका ने गैर-जरूरी राजनयिक कर्मचारियों को वापस बुलाने का आदेश दिया।

रियाद/दम्माम, 22 अक्टूबर 2026। पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में बुधवार को दो अलग-अलग हमलों ने नागरिक सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सऊदी अरामको के शायबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।

इन घटनाओं में एक भारतीय सहित कई विदेशी नागरिकों की जान गई है, जबकि घायलों में भी भारतीय शामिल हैं।

भारतीय दूतावास के अनुसार, दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई और दो अन्य भारतीय घायल हुए। वहीं, अरामको के तेल क्षेत्र में ड्रोन को हवा में नष्ट किए जाने के बाद गिरे मलबे की चपेट में आने से नेपाल और फिलीपींस के एक-एक नागरिक की मौत हुई। इस घटना में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए।

एयरपोर्ट हमले में कुल आठ लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है, जबकि तेल क्षेत्र की घटना में दो लोग घायल हुए हैं। दोनों घटनाओं को मिलाकर दस लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है।

हालांकि, दम्माम एयरपोर्ट पर मृतकों की संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अंतर सामने आया है। कुछ रिपोर्टों में एक व्यक्ति की मौत बताई गई है, जबकि भारतीय दूतावास के हवाले से प्रकाशित अन्य रिपोर्टों में दो मृतकों का उल्लेख है। ऐसे में दोनों घटनाओं की संयुक्त मृतक संख्या को लेकर आधिकारिक अंतिम पुष्टि महत्वपूर्ण है।

दम्माम के किंग फहद एयरपोर्ट पर हमला, भारतीय नागरिक की मौत

सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित दम्माम शहर का किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट बुधवार शाम हमले की चपेट में आया।

सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने गुरुवार को घटना की जानकारी देते हुए बताया कि हमले से एयरपोर्ट की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

अधिकारियों के अनुसार, घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ लोगों की चोटें गंभीर बताई गई हैं।

दम्माम सऊदी अरब के पूर्वी तट पर फारस की खाड़ी के नजदीक स्थित महत्वपूर्ण शहर है। यह बहरीन और कतर के करीब होने के साथ ही देश के प्रमुख औद्योगिक तथा ऊर्जा क्षेत्रों से भी जुड़ा हुआ है।

इस एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों का संचालन होता है। इसलिए हमले के बाद यात्रियों और विमान सेवाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।

भारतीय दूतावास ने घटना पर जताया दुख

सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने हमले में भारतीय नागरिक की मौत पर शोक व्यक्त किया है।

दूतावास ने घायल भारतीयों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि वह संबंधित अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए है।

भारतीय अधिकारियों की ओर से प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों से संबंधित अतिरिक्त जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रोजगार और व्यवसाय के सिलसिले में रहते हैं। ऐसे में नागरिक ठिकानों पर हो रहे हमलों से वहां कार्यरत भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है।

हमले के बाद विमानों के रास्ते बदले गए

किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले के बाद विमान सेवाओं पर भी असर पड़ा।

दुनियाभर की उड़ानों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार24 ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि हमले के बाद कुछ विमानों को एयरपोर्ट से दूर दूसरे रास्तों पर भेजा गया।

सुरक्षा कारणों से विमान संचालन में बदलाव किए गए और संबंधित अधिकारियों ने एयरपोर्ट की स्थिति का आकलन शुरू किया।

बाद की रिपोर्टों में एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन फिर शुरू होने की जानकारी भी सामने आई है।

हालांकि, यात्रियों को अपनी उड़ान की वास्तविक स्थिति के लिए संबंधित एयरलाइन और एयरपोर्ट की आधिकारिक जानकारी पर निर्भर रहने की सलाह दी जाती है।

अरामको के शायबाह तेल क्षेत्र पर ड्रोन हमला, दो विदेशी नागरिकों की मौत

एयरपोर्ट हमले से अलग एक अन्य घटना सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी अरामको के शायबाह तेल क्षेत्र में हुई।

सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, एक ड्रोन तेल प्रसंस्करण सुविधा की ओर बढ़ रहा था, जिसे वायु रक्षा प्रणाली ने रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया।

ड्रोन के मलबे के टुकड़े तेल क्षेत्र के बाहरी हिस्से में गिरे। इसकी चपेट में आने से एक नेपाली और एक फिलीपीनी नागरिक की मौत हो गई।

इस घटना में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए।

मंत्रालय के अनुसार, मलबा गिरने से तेल क्षेत्र में काम करने वाले एक ठेकेदार के वाहन में आग भी लग गई।

हालांकि, तेल उत्पादन और संचालन पर इसका असर नहीं पड़ा।

सऊदी वायु रक्षा ने चार ड्रोन नष्ट करने का दावा किया

सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बताया कि देश के पूर्वी क्षेत्र में चार ड्रोन हमलों को विफल किया गया।

गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के अनुसार, ड्रोन को उनके निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया गया।

सऊदी अधिकारियों ने पिछले कुछ दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों की ओर आने वाले कई ड्रोन और मिसाइलों को रोकने की जानकारी दी है।

इन घटनाओं के बाद महत्वपूर्ण तेल प्रतिष्ठानों, एयरपोर्ट और अन्य नागरिक सुविधाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अक्टूबर में सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर लगातार हमले

सऊदी अरब में अक्टूबर के दौरान हूती विद्रोहियों की ओर से कई बड़े हमलों के दावे सामने आए हैं। इनमें राजधानी रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अभा एयरपोर्ट प्रमुख निशाने रहे हैं।

इन हमलों में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग घायल हुए।

6 और 7 अक्टूबर: रियाद और अभा एयरपोर्ट पर हमले

अक्टूबर के पहले सप्ताह में रियाद और अभा के एयरपोर्ट पर हमलों की घटनाएं सामने आईं।

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई और 36 लोग घायल हुए।

हूती विद्रोहियों ने कुछ हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया।

8 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट फिर निशाने पर

8 अक्टूबर को राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक और हमला हुआ।

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में तीन सऊदी नागरिकों की मौत हुई। मृतकों में एक पायलट भी शामिल बताया गया।

हमले में सऊदी अरब की सरकारी विमानन कंपनी सऊदिया का एक विमान भी क्षतिग्रस्त हुआ।

10 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट पर बड़ा हमला, 13 लोगों की मौत

10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले ने भारी जनहानि की।

शुरुआत में सऊदी अधिकारियों ने 12 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी।

बाद में घायल भारतीय नागरिक की मौत के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई।

हमले के बाद एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन रोकना पड़ा और कई विमानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर भेजा गया।

मृतकों में सऊदी अरब सहित कई देशों के नागरिक शामिल थे।

11 अक्टूबर: एक और हमले में पाकिस्तानी नागरिक की मौत

10 अक्टूबर के बड़े हमले के अगले ही दिन रियाद एयरपोर्ट पर फिर एक प्रोजेक्टाइल गिरने की घटना सामने आई।

अधिकारियों के अनुसार, यह घटना एयरपोर्ट के टर्मिनल क्षेत्र में हुई और इसके कारण आग लग गई।

हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हुई और 11 लोग घायल हुए।

लगातार हमलों के बाद सऊदी अरब के नागरिक विमानन क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई।

21 अक्टूबर: दम्माम एयरपोर्ट और शायबाह तेल क्षेत्र निशाने पर

बुधवार को सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में दो नई घटनाएं सामने आईं।

दम्माम एयरपोर्ट पर हमले में भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि हुई, जबकि शायबाह तेल क्षेत्र में ड्रोन के मलबे से नेपाली और फिलीपीनी नागरिकों की जान गई।

हालांकि, बुधवार की इन दोनों घटनाओं के लिए हूती विद्रोहियों की जिम्मेदारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अमेरिका ने सऊदी अरब से गैर-जरूरी कर्मचारियों को हटाने का आदेश दिया

लगातार हमलों के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब में कार्यरत गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिकी कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में नागरिक एयरपोर्ट और महत्वपूर्ण सुविधाओं पर बढ़ते हमलों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

अमेरिका ने हूती विद्रोहियों की गतिविधियों से उत्पन्न सुरक्षा खतरे का उल्लेख किया है।

इस फैसले के बाद सऊदी अरब में अमेरिकी राजनयिक उपस्थिति और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति फिर चर्चा में आ गई है।

UAE, कतर, बहरीन और जॉर्डन से कर्मचारियों को हटाने की खबरों पर सफाई

सऊदी अरब से अमेरिकी कर्मचारियों को हटाने के आदेश के बीच कुछ मीडिया रिपोर्टों में संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और जॉर्डन से भी अमेरिकी राजनयिकों तथा उनके परिवारों को वापस बुलाने की बात सामने आई।

हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने इन खबरों का खंडन किया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गैर-आपातकालीन कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश केवल सऊदी अरब के लिए जारी किया गया है।

अन्य खाड़ी देशों के लिए इस तरह के किसी समान आदेश की पुष्टि नहीं की गई।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव से बढ़ी क्षेत्रीय चिंता

सऊदी अरब पर लगातार हो रहे हमले ऐसे समय में सामने आए हैं, जब पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और उनके क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच तनाव बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर चर्चाएं सामने आई हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन की संभावित सैन्य योजनाओं पर भी चर्चा हो रही है।

हालांकि, किसी नई सैन्य कार्रवाई को लेकर रिपोर्टों में व्यक्त संभावनाओं और आधिकारिक रूप से घोषित निर्णयों के बीच अंतर करना जरूरी है।

पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य तैनाती को लेकर भी चर्चा

NBC की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने हाल के दिनों में पश्चिम एशिया के कुछ सैन्य ठिकानों पर अपनी तैनाती में बदलाव किए हैं।

इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से कहा गया कि सैन्यकर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर भेजना परिचालन तैयारियों का सामान्य हिस्सा है।

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने ऐसे बदलावों को नियमित सैन्य प्रबंधन और मिशन की आवश्यकताओं से जोड़कर बताया है।

वहीं, क्षेत्र में जारी मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण सैन्य गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है।

नागरिक एयरपोर्ट और तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती

सऊदी अरब के एयरपोर्ट और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर लगातार हो रही घटनाओं ने नागरिक सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन और तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को सामने ला दिया है।

विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय यह है कि नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाए जाने या उनके आसपास प्रोजेक्टाइल और ड्रोन का मलबा गिरने से आम लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

दम्माम और शायबाह की घटनाओं में भारतीय सहित विदेशी नागरिकों का हताहत होना इस खतरे को रेखांकित करता है।

सऊदी अधिकारियों ने तेल क्षेत्र का संचालन प्रभावित नहीं होने की जानकारी दी है, लेकिन लगातार हमलों के कारण महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बनी हुई है।

फिलहाल सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में हुए ताजा हमलों, घायलों की स्थिति और नागरिक विमानन सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर संबंधित अधिकारियों की आगे की जानकारी का इंतजार है।

जवाई टुडे | अंतरराष्ट्रीय डेस्क

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