
5 नवंबर तक चलेगा देशव्यापी अभियान; जिला मुख्यालयों पर पदयात्राएं, कॉलेजों में युवा संवाद और सोशल मीडिया पर प्रचार। विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए भाजपा ने बनाई रणनीति।
जयपुर, 22 अक्टूबर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली को लेकर देश में जारी राजनीतिक बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार से ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान शुरू किया है। यह अभियान 5 नवंबर तक चलेगा। भाजपा का कहना है कि अभियान के माध्यम से मतदाता सूची की शुद्धता, पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखा जाएगा।
दूसरी ओर, विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनावी व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत हैं।
41 जिलों में पदयात्रा, विधानसभा क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रम
राजस्थान भाजपा ने अभियान के तहत प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर पदयात्राएं आयोजित करने की योजना बनाई है। पार्टी की कार्ययोजना के अनुसार, 23 से 31 अक्टूबर के बीच विधानसभा क्षेत्रों में ‘राष्ट्र चिंतन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में डॉक्टर, वकील, शिक्षक, प्रोफेसर, कारोबारी, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य पेशेवर वर्गों के लोगों को शामिल करने की तैयारी है। भाजपा इन बैठकों में मतदाता सूची पुनरीक्षण, चुनावी प्रक्रियाओं और नागरिकों के मतदान अधिकारों जैसे विषयों पर अपना पक्ष रखेगी।
SIR पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देगी भाजपा
भाजपा के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी के अनुसार, अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची की शुचिता और पात्र नागरिकों के मताधिकार को लेकर जनसमर्थन जुटाना है। बगड़ी ने विपक्ष पर SIR को लेकर भ्रामक सूचनाएं फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी अभियान के जरिए इन आरोपों का जवाब देगी और चुनाव आयोग सहित लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास मजबूत करने का संदेश देगी। हालांकि, विपक्षी दलों की ओर से SIR की प्रक्रिया, मतदाताओं के नाम सूची से हटने की आशंका और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
इन परस्पर विरोधी राजनीतिक दावों के बीच मतदाता सूची से संबंधित वास्तविक स्थिति का आकलन चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।
युवाओं और सोशल मीडिया तक पहुंचने की रणनीति
अभियान में भाजपा ने युवाओं और विद्यार्थियों तक पहुंचने पर विशेष ध्यान दिया है। इसके लिए कॉलेज, विश्वविद्यालय, आईटीआई और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में ‘लोकतंत्र बनाम भीड़तंत्र—युवा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में चुनावी निष्पक्षता, नागरिकता, SIR, संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा की योजना है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी पार्टी अपना संदेश प्रसारित करेगी। युवा वर्ग और डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय लोगों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग गतिविधियां प्रस्तावित हैं।
राजस्थान में रामलाल शर्मा को अभियान की कमान
अभियान के प्रदेश संयोजक की जिम्मेदारी भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा को सौंपी गई है। प्रदेश मंत्री सीताराम पोसवाल, पूर्व उप महापौर पुनीत कर्नावट और प्रदेश सह कार्यालय मंत्री भवानीशंकर शर्मा को सह-संयोजक बनाया गया है। पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस, पदयात्रा, राष्ट्र चिंतन संवाद, युवा संवाद और अन्य गतिविधियों के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है। इन टीमों को अभियान के दौरान कार्यक्रमों के आयोजन और समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।
SIR क्या है और इसे लेकर विवाद क्यों?
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार मतदाता सूची की जांच और आवश्यक संशोधन करना है। भाजपा इसे मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों से जोड़कर प्रस्तुत कर रही है।
वहीं, विपक्षी दलों की चिंता यह है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटने नहीं चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। इसलिए विवाद का प्रमुख विषय केवल मतदाता सूची में संशोधन नहीं, बल्कि उसकी प्रक्रिया, पारदर्शिता और नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा भी है।
5 नवंबर तक चलेगा राजनीतिक जनसंपर्क अभियान
भाजपा की योजना के अनुसार, 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पदयात्राओं, संवाद कार्यक्रमों, प्रेस वार्ताओं और डिजिटल माध्यमों से जनता तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। अभियान के दौरान SIR, मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनाव आयोग की भूमिका जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। अब देखना होगा कि अभियान के दौरान भाजपा और विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों पर किस तरह की सार्वजनिक बहस सामने आती है।
जवाई टुडे | राजस्थान राजनीतिक डेस्क
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