Exclusive
Breaking News

SIR पर सियासी टकराव तेज: भाजपा ने शुरू किया ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान, राजस्थान की 200 विधानसभाओं में संवाद की तैयारी SIR पर सियासी टकराव तेज: भाजपा ने शुरू किया ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान, राजस्थान की 200 विधानसभाओं में संवाद की तैयारी

राजस्थान में निवेश बढ़ाने के लिए 21 IAS अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी, देश के 21 राज्यों और विदेशों में बनाएंगे कारोबारी संपर्क राजस्थान में निवेश बढ़ाने के लिए 21 IAS अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी, देश के 21 राज्यों और विदेशों में बनाएंगे कारोबारी संपर्क

राजस्थान में सर्दी की आहट: 15 जिलों में पारा 20 डिग्री से नीचे, माउंट आबू 14.3 डिग्री; 23-24 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं की संभावना राजस्थान में सर्दी की आहट: 15 जिलों में पारा 20 डिग्री से नीचे, माउंट आबू 14.3 डिग्री; 23-24 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं की संभावना

बाड़मेर में हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर बाड़े पर गिरा: 15 मवेशियों को बचाने गए पति-पत्नी की करंट से मौत, तीन बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया बाड़मेर में हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर बाड़े पर गिरा: 15 मवेशियों को बचाने गए पति-पत्नी की करंट से मौत, तीन बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

जालोर में दर्दनाक हादसा: नवरात्रि पर बेटे को दिलाया था नया टेंपो, उसी में मां-बेटे और बेटी की मौत; 8 साल का बच्चा गंभीर घायल जालोर में दर्दनाक हादसा: नवरात्रि पर बेटे को दिलाया था नया टेंपो, उसी में मां-बेटे और बेटी की मौत; 8 साल का बच्चा गंभीर घायल

राजस्थान में निवेश बढ़ाने के लिए 21 IAS अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी, देश के 21 राज्यों और विदेशों में बनाएंगे कारोबारी संपर्क
राजस्थान में निवेश बढ़ाने के लिए 21 IAS अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी, देश के 21 राज्यों और विदेशों में बनाएंगे कारोबारी संपर्क

भजनलाल सरकार ने जारी किए नए आदेश; सिंगापुर, अमेरिका, जापान, UAE, ब्रिटेन और जर्मनी समेत कई देशों में निवेश की संभावनाएं तलाशेंगे अधिकारी, प्रवासी राजस्थानियों से भी करेंगे समन्वय।

जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश में औद्योगिक निवेश, व्यापार और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 21 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इन अधिकारियों को देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों में राजस्थान के लिए निवेश तथा व्यापार के अवसर तलाशने की जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार ने इस संबंध में पूर्व में जारी आदेशों को अधिक्रमित करते हुए नए सिरे से अधिकारियों के कार्यक्षेत्र निर्धारित किए हैं। सभी अधिकारी घरेलू एवं प्रवासी राजस्थानी मामलों के विभाग (DORA) के निर्देशों के अनुसार कार्य करेंगे। इस पहल के जरिए सरकार राजस्थान में नए उद्योगों की स्थापना, कारोबारी साझेदारी और देश-विदेश में बसे राजस्थानियों के साथ संपर्क मजबूत करना चाहती है।

निवेश के साथ प्रवासी राजस्थानियों से संपर्क पर जोर

नई व्यवस्था के तहत नियुक्त IAS अधिकारी अपने आवंटित राज्य और देश में राजस्थान से जुड़े निवेशकों, उद्योगपतियों और प्रवासी राजस्थानियों के साथ समन्वय करेंगे। साथ ही अन्य राज्यों में पदस्थ राजस्थान मूल के अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं से संपर्क स्थापित करने की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य राजस्थान में उपलब्ध औद्योगिक और कारोबारी अवसरों की जानकारी संभावित निवेशकों तक पहुंचाना है।

किस IAS अधिकारी को किस राज्य और देश की जिम्मेदारी मिली?

कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार, अधिकारियों को निम्न जिम्मेदारियां दी गई हैं:

क्रम IAS अधिकारी राज्य देश
1 गायत्री ए. राठौड़ गोवा सिंगापुर
2 टी. रविकांत आंध्र प्रदेश केन्या
3 मंजू राजपाल बिहार हांगकांग
4 नवीन जैन हरियाणा सऊदी अरब
5 कृष्ण कुणाल झारखंड कतर
6 रवि जैन छत्तीसगढ़ ऑस्ट्रेलिया
7 डॉ. रवि कुमार सुरपुर कर्नाटक दक्षिण अफ्रीका
8 डॉ. जोगा राम केरल संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
9 पी. रमेश तेलंगाना आयरलैंड
10 आरती डोगरा उत्तराखंड जर्मनी
11 डॉ. रोहित गुप्ता उत्तर प्रदेश ब्रिटेन (UK)
12 आनंदि तमिलनाडु जापान
13 रंजन विशाल पंजाब स्पेन
14 अर्चना सिंह मध्यप्रदेश फिनलैंड और डेनमार्क
15 नकाते शिवप्रसाद मदन महाराष्ट्र ब्राजील
16 शिवांगी स्वर्णकार असम अमेरिका (USA)
17 अनुपमा जोरवाल दिल्ली इटली
18 रुक्मणि रियार पश्चिम बंगाल स्वीडन और नॉर्वे
19 हिमांशु गुप्ता ओडिशा युगांडा
20 अरविंद कुमार पोसवाल हिमाचल प्रदेश नेपाल
21 सुरेश कुमार ओला गुजरात स्विट्जरलैंड

विदेशों में बसे राजस्थानियों की भूमिका होगी महत्वपूर्ण

राजस्थान मूल के बड़ी संख्या में लोग देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में व्यापार, उद्योग तथा अन्य क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं। सरकार की इस पहल में प्रवासी राजस्थानियों के साथ समन्वय को विशेष महत्व दिया गया है। अधिकारियों के माध्यम से ऐसे लोगों और संस्थाओं के साथ संपर्क बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, जो राजस्थान में निवेश या कारोबारी गतिविधियां शुरू करने में रुचि रखते हैं। इसके अलावा राजस्थान से जुड़े अधिकारियों और व्यावसायिक संगठनों के साथ संवाद भी इस व्यवस्था का हिस्सा होगा।

राजस्थान के उद्योगों को कैसे मिल सकता है फायदा?

यदि इस पहल के माध्यम से नए निवेश प्रस्ताव सामने आते हैं, तो प्रदेश में उद्योग, पर्यटन, सेवा क्षेत्र, व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। निवेश बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबारी अवसर पैदा होने की संभावना भी रहती है। हालांकि, केवल अधिकारियों की नियुक्ति से निवेश सुनिश्चित नहीं होता। वास्तविक परिणाम निवेशकों की रुचि, परियोजनाओं की स्वीकृति और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।

अब अधिकारियों के कामकाज और निवेश प्रस्तावों पर रहेगी नजर

सरकार ने अधिकारियों को अलग-अलग राज्यों और देशों की जिम्मेदारी देकर निवेश प्रोत्साहन और समन्वय की नई व्यवस्था बनाई है। अब इस पहल की सफलता का आकलन इस आधार पर होगा कि कितने संभावित निवेशकों से संपर्क स्थापित होता है, कितने प्रस्ताव आगे बढ़ते हैं और कितनी परियोजनाएं वास्तव में राजस्थान में शुरू होती हैं।

जवाई टुडे | राजस्थान समाचार डेस्क

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

Categories