
खीपसर गांव में सुबह 10 बजे हादसा; पति को बचाने दौड़ी पत्नी भी करंट की चपेट में आई, बिजली बंद करवाने में देरी का ग्रामीणों ने लगाया आरोप, मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर धरना।
बाड़मेर, 22 अक्टूबर। राजस्थान के बाड़मेर जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पति-पत्नी की करंट लगने से मौत हो गई। खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन का तार अचानक टूटकर मवेशियों के बाड़े पर गिर गया। बाड़े में करंट फैलने से भेड़-बकरियां तड़पने लगीं। उन्हें बचाने पहुंचे खेत मालिक और उनकी पत्नी भी करंट की चपेट में आ गए।
हादसे में दंपती के साथ 15 मवेशियों की भी मौत हो गई। घटना नागाणा थाना क्षेत्र के खीपसर गांव में सुबह करीब 10 बजे हुई।मृतकों की पहचान रावताराम (45) और उनकी पत्नी वीरों देवी (41) के रूप में हुई है। दोनों के तीन बच्चे हैं।
मवेशियों को बचाने पहुंचे रावताराम, लोहे की जाली छूते ही लगा करंट
पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह रावताराम और उनकी पत्नी वीरों देवी खेत में काम कर रहे थे। पास ही बने बाड़े में 15 भेड़-बकरियां बंधी हुई थीं। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर बाड़े पर गिर गया। बिजली का तार गिरते ही बाड़े में करंट फैल गया और मवेशी उसकी चपेट में आ गए। मवेशियों को तड़पता देखकर रावताराम उन्हें बचाने के लिए दौड़े। जैसे ही उन्होंने बाड़े में लगी लोहे की जाली को छुआ, वह भी करंट की चपेट में आ गए।
पति को बचाने दौड़ी पत्नी, दोनों की चली गई जान
रावताराम को करंट की चपेट में देखकर उनकी पत्नी वीरों देवी उन्हें बचाने के लिए पहुंचीं। इस दौरान वह भी करंट की चपेट में आ गईं। बिजली का प्रवाह जारी रहने के कारण दोनों को समय रहते नहीं बचाया जा सका। हादसे में रावताराम और वीरों देवी की मौत हो गई। बाड़े में बंधी सभी 15 भेड़-बकरियों की भी जान चली गई।
तीन बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
रावताराम और वीरों देवी के तीन बच्चे हैं। इनमें दो बेटे हरजीराम (22), विष्णाराम (20) और बेटी साजियों (18) शामिल हैं।एक ही हादसे में माता-पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मवेशियों की मौत से परिवार को आर्थिक नुकसान भी हुआ है। ग्रामीणों ने घटना के बाद पीड़ित परिवार के लिए सहायता और उचित कार्रवाई की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का आरोप: बिजली बंद करवाने के लिए GSS पर नहीं मिला कर्मचारी
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद करवाने के लिए खीपसर ग्रिड सब स्टेशन (GSS) पर संपर्क करने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आरोप है कि तार टूटने की सूचना देने के बावजूद बिजली बंद करवाने में परेशानी हुई, क्योंकि उस समय संबंधित GSS पर कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं था। इसके बाद आसपास के लोगों ने डिस्कॉम कर्मचारियों से संपर्क किया और बिजली आपूर्ति बंद करवाई। हालांकि, तब तक पति-पत्नी और मवेशियों की मौत हो चुकी थी।
बिजली बंद करवाने में देरी और GSS पर कर्मचारी नहीं होने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस संबंध में डिस्कॉम का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।
हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश, धरने पर बैठे परिजन
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। हादसे से नाराज परिजन और ग्रामीण सुबह करीब 11 बजे से धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की। सूचना मिलने पर नागाणा थाना पुलिस और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। बायतु डीएसपी दीपेंद्र सैनी के अनुसार, परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर सहमति बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हाईटेंशन लाइन का तार कैसे टूटा? जांच में उठेंगे कई सवाल
इस हादसे ने खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि बिजली लाइन का तार किस कारण टूटा। क्या तार कमजोर या क्षतिग्रस्त था? क्या लाइन का समय पर निरीक्षण और रखरखाव किया गया था? और तार गिरने के बाद बिजली आपूर्ति कितनी देर में बंद हुई? इन सवालों के जवाब बिजली विभाग की तकनीकी जांच से ही स्पष्ट हो सकेंगे। ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाने पर बिजली आपूर्ति बंद करने की व्यवस्था और संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
मुआवजे और जिम्मेदारी तय होने का इंतजार
हादसे के बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, मृत मवेशियों के नुकसान की भरपाई और बिजली लाइन की सुरक्षा जांच जैसे मुद्दे सामने आए हैं। फिलहाल प्रशासन परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहा है। किसी मुआवजे की स्वीकृति या दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। खीपसर गांव में हुए इस हादसे ने एक परिवार से माता-पिता छीन लिए और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
जवाई टुडे | बाड़मेर समाचार डेस्क
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