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पूर्व सीएम गहलोत का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला: बोले- 'पंचायत चुनाव में गांव की जनता सिखाएगी सबक, हमारी जनकल्याणकारी योजनाएं बंद करने से लोगों में भारी आक्रोश'
पूर्व सीएम गहलोत का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला: बोले- ‘पंचायत चुनाव में गांव की जनता सिखाएगी सबक, हमारी जनकल्याणकारी योजनाएं बंद करने से लोगों में भारी आक्रोश’

जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में घोषित हुए पंचायती राज चुनावों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। रविवार को अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने दावा किया कि आगामी पंचायत चुनावों में गांव की जागरूक जनता भाजपा को करारा सबक सिखाएगी और कांग्रेस भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज करेगी। गहलोत ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की बेहद लोकप्रिय जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करके गरीबों, दलितों और पिछड़ों के साथ धोखा किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई सामाजिक सुरक्षा पेंशन और अन्य जनहितैषी स्कीमें गांव-गांव और ढाणी-ढाणी में बेहद लोकप्रिय थीं। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद नाम बदलना एक बात हो सकती थी, लेकिन नाम बदलने के बहाने पूरी योजनाओं को ही बर्बाद और खत्म कर देना समझ से परे है। इसी का परिणाम है कि आज प्रदेश के ग्रामीण अंचल में सरकार की नीतियों के खिलाफ भारी जनाक्रोश पनप रहा है।

‘किसान 20-25 दिन ही काम करता है’ वाले बयान पर जताई कड़ी आपत्ति

मुख्यमंत्री के हालिया बयानों पर ऐतराज जताते हुए गहलोत ने कहा—

“इन्होंने जो जुमले बोले हैं कि ‘किसान तो साल में सिर्फ 20-25 दिन ही काम करता है’, मुख्यमंत्री को ऐसा गैर-जिम्मेदाराना बयान कतई नहीं देना चाहिए था। इस बयान का गांव, गरीब और अन्नदाता के बीच बेहद तीखा रिएक्शन हुआ है। किसान पूछ रहे हैं कि अगर वे 20-25 दिन ही काम करते हैं, तो बाकी पूरे साल क्या करते हैं? इस अपमान का बदला गांव के लोग पंचायत चुनाव में वोट की चोट से लेंगे।”

निकाय चुनावों में पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग करने का लगाया आरोप

अशोक गहलोत ने हालिया नगर निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि निकाय चुनावों में सत्तापक्ष ने जो हथकंडे अपनाए, वैसा राजस्थान के राजनीतिक इतिहास में कभी देखने को नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने खुलेआम गुंडागर्दी की, पुलिस के जरिए छापे डलवाए और प्रशासनिक मशीनरी का खुलकर दुरुपयोग किया। गहलोत ने चेतावनी दी कि ऐसी अलोकतांत्रिक परंपराएं कभी नहीं बनीं और इसके गंभीर राजनीतिक नतीजे भाजपा को आज नहीं तो कल भुगतने ही पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि निकाय चुनावों का यह कड़वा अनुभव पंचायत चुनावों में जनता के काम आएगा और ग्रामीण मतदाता पूरी सजगता से जवाब देंगे।

‘सूखे की स्थिति पर बने कंटिंजेंसी प्लान, नरेगा को ठंडे बस्ते में डाला’

प्रदेश में बने मौसमी हालात पर चिंता जाहिर करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से सूखे की स्थिति को पूरी गंभीरता से लेने की मांग की। गहलोत ने कहा कि सरकार को अभी से आपातकालीन कंटिंजेंसी प्लान तैयार करना चाहिए।

उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने नरेगा (MGNREGA) के तहत रोजगार के अवसर लगभग बंद जैसे कर दिए हैं, जिससे अब ग्रामीणों को रोजगार की गारंटी नहीं मिल पा रही है। पहले कानूनन काम नहीं मिलने पर घर बैठे बेरोजगारी भत्ता मिलता था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। गहलोत ने सरकार को आगाह किया कि आने वाले दिनों में गांवों में इंसानों के साथ-साथ मूक पशुओं के लिए भी पीने के पानी और हरे चारे का पुख्ता प्रबंधन करना होगा, तभी राज्य सूखे के संकट का डटकर मुकाबला कर पाएगा।

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