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राजकीय माध्यमिक विद्यालय बड़गांव के मतदान केंद्र पर अव्यवस्था की तस्वीरें आईं सामने, निर्धारित कतार से अलग समूहों में बैठे मतदाता; जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल

जवाई टुडे | शिवगंज, सिरोही | 24 अक्टूबर 2026

सिरोही जिले की शिवगंज पंचायत समिति के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़गांव में सरपंच चुनाव के दौरान मतदान केंद्र की व्यवस्थाओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। राजकीय माध्यमिक विद्यालय बड़गांव में बनाए गए मतदान केंद्र पर जहां मतदाताओं को व्यवस्थित कतार में खड़ा होना चाहिए था, वहीं विद्यालय परिसर के खुले मैदान में जगह-जगह मतदाताओं के समूह नजर आए। मतदान कक्ष के बाहर सीढ़ियों पर भी लोगों की भीड़ दिखाई दी।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मतदान केंद्र पर पुलिसकर्मी तैनात थे, तो मतदाताओं को निर्धारित कतार से अलग समूहों में एकत्र होने की स्थिति क्यों बनी?

पुलिस की मौजूदगी, फिर भी मैदान में जमावड़ा!

जवाई टुडे की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान मतदान केंद्र परिसर में भीड़ प्रबंधन की खामियां सामने आईं। विद्यालय के मैदान में अलग-अलग स्थानों पर मतदाता बैठे और खड़े नजर आए। मतदान कक्ष के बाहर भी लोगों की भीड़ बनी हुई थी। मतदान केंद्र पर मौजूद पुलिसकर्मियों और चुनाव अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल मतदान कक्ष की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। परिसर में अनुशासन, मतदाताओं की व्यवस्थित आवाजाही और भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित करना भी चुनाव व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब परिसर में मतदाताओं का जमावड़ा हो रहा था, तब भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए क्या कदम उठाए गए?

मतदान केंद्र पर व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी आखिर किसकी?

सरपंच चुनाव लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं का पहुंचना सामान्य बात है, लेकिन भीड़ अधिक होने का अर्थ यह नहीं कि मतदान केंद्र पर अनुशासन और कतार व्यवस्था प्रभावित होने दी जाए। यदि मतदाताओं की संख्या अधिक थी, तो प्रशासन को व्यवस्थित अतिरिक्त कतार अथवा प्रतीक्षा स्थल की व्यवस्था करनी चाहिए थी। सवाल यह भी है कि क्या मतदान केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया?

जवाई टुडे के प्रशासन से सीधे पांच सवाल

  1. मतदान केंद्र पर निर्धारित कतार होने के बावजूद मैदान में अलग-अलग समूहों में मतदाता क्यों बैठे थे?
  2. पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए क्या कार्रवाई की गई?
  3. क्या मतदान केंद्र पर अतिरिक्त प्रतीक्षा स्थल निर्धारित किया गया था? यदि हां, तो उसकी व्यवस्था क्या थी?
  4. मतदान केंद्र की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे अधिकारियों ने इस स्थिति पर क्या निर्देश दिए?
  5. क्या निर्वाचन प्रशासन बड़गांव मतदान केंद्र की भीड़ प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा करेगा?

जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए

मतदान केंद्र पर सुरक्षा और अनुशासन केवल कागजी निर्देशों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। बड़गांव में सामने आई स्थिति इस बात की समीक्षा की मांग करती है कि मतदान के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए किए गए इंतजाम कितने प्रभावी थे।

जवाई टुडे का सवाल स्पष्ट है—जब मतदान केंद्र पर पुलिस और चुनाव अधिकारियों की तैनाती थी, तो मैदान में इस तरह अलग-अलग समूहों में मतदाताओं के बैठने की नौबत क्यों आई?

लोकतांत्रिक चुनाव में प्रशासन की जिम्मेदारी केवल मतदान संपन्न कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक मतदाता के लिए व्यवस्थित, सुरक्षित और निष्पक्ष वातावरण उपलब्ध कराना भी है।

जवाई टुडे इस मामले में संबंधित निर्वाचन अधिकारियों से जवाबदेही की अपेक्षा करता है। जनता को यह जानने का अधिकार है कि मतदान केंद्र पर सामने आई अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार व्यवस्था में सुधार कैसे किया जाएगा।

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