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कांग्रेस से आये नेताओं को भी मिली बीजेपी की नई प्रदेश कार्यसमिति सूची में जगह
कांग्रेस से आये नेताओं को भी मिली बीजेपी की नई प्रदेश कार्यसमिति सूची में जगह

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा कर दी. 154 सदस्यों की इस टीम में 12 स्थायी आमंत्रित सदस्य भी शामिल हैं. सूची में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित कई वरिष्ठ नेताओं को जगह दी गई है. खास बात यह है कि कांग्रेस से शामिल हुए नेताओं को भी संगठन में स्थान देकर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह विस्तार और संतुलन की रणनीति पर काम कर रही है. उदयपुर सहित कई जिलों में लंबे समय से चल रही गुटबाजी के बीच नई टीम के जरिए संतुलन साधने की कवायद भी की गई है. नई प्रदेश कार्यसमिति के गठन के राजनीतिक मायने क्या हैं? क्या निकाय और पंचायत चुनावों के साथ 2028 की चुनावी रणनीति भी तैयार की जा रही है?

भाजपा नेताओं का कहना है कि सूची में सभी जिलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है. प्रशासनिक रूप से प्रदेश में अब 41 जिले हैं, जबकि संगठनात्मक संरचना 44 जिलों के आधार पर चल रही है. हाल में बने 8 नए जिलों में संगठन विस्तार का प्रस्ताव जल्द होने वाली कार्यसमिति बैठक में रखा जा सकता है. उदयपुर में लंबे समय से चल रही गुटबाजी के बीच छह नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति में जगह देकर संतुलन साधने की कोशिश की गई है.

रवीन्द्र श्रीमाली, अर्जुन मीणा, प्रमोद सामर, चन्द्रगुप्त सिंह चौहान, रणधीर सिंह भींडर और अतुल चंडालिया को शामिल कर दोनों प्रमुख खेमों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है. राजनीतिक हलकों में इसे संतुलन साधने की रणनीति माना जा रहा है. अर्जुन मीणा और रणधीर सिंह भींडर की वापसी को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे खेमे के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, वहीं प्रमोद सामर और अतुल चंडालिया के नामों के जरिए दूसरे खेमे को भी संदेश दिया गया है.

कांग्रेस से शामिल हुए नेताओं को भी जगह मिली है

सूची में कांग्रेस से शामिल हुए नेताओं को भी जगह मिली है. गहलोत सरकार में मंत्री रहे लालचंद कटारिया को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है. पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को जयपुर शहर से कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है. विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान पार्टी में शामिल हुए नेताओं को संगठन में स्थान देकर भाजपा ने विस्तार की रणनीति स्पष्ट की है. इसके अलावा जेईएन मारपीट प्रकरण से जुड़े धौलपुर से पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को भी कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है.

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